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भारत देश को उसकी १५वी और नई राष्ट्रपति मिल चुकी है | तो अब बात आती है देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद की जो है उप राष्ट्रपति, और यही वजह है की आज भारत की सारी जनता के मन में यही प्रश्न खड़ा है की ‘Who Is the New Vice President of India?’

उनका नाम तो आप सभी जान ही चुके होंगे ‘श्री जगदीप धनखड़’ जी | यदि आप नहीं जानते तो आपको बता दें की भारत देश को उसके १४वे और नए उप राष्ट्रपति मिल चुके है | परन्तु सवाल यह है की आप अपने प्रिय देश के नए उपराष्ट्रपति के बारे में कितना जानते है? क्या आप जानते है की आपके देश के उपराष्ट्रपति का जीवन कैसा था? क्या आप जानते है की उन्होंने इतने बड़े सवैधानिक पद पर पहुंचने के लिए कितना संघर्ष किया? क्या थी आपके उपराष्ट्रपति की कहानी?

यदि आपके पास इन् सभी प्रश्नों के उत्तर नहीं है तो आज Feelbywords.com आपको इस आर्टिकल में बताएँगे देश के दूसरे सबसे बड़े सवैधानिक पद पर आसीन होने वाले भारत के उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ जी की सम्पूर्ण जीवन गाथा |

Who Is the New Vice President of India? – Jagdeep Dhankhar

श्री जगदीप धनखड़ जी भारतीय जनता पार्टी के सदस्य है और पश्चिम बंगाल राज्य के पूर्व राज्यपाल रह चुके है | भाजपा के अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में श्री जगदीप धनखड़ के नाम की घोषणा की थी | उन्हें टी. एम. सी और पश्चिम बंगाल सरकार का विरोध करने के लिए जाना जाता है |
पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल श्री जगदीप धनखड़ जी ६ अगस्त २०२२ को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए NDA के उम्मीदवार थे | यह वही श्री जगदीप धनखड़ है जो बंगाल के सियासी घमासान में काफी चर्चा में आए थे | श्री जगदीप धनखड़ राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट भी रह चुके है | इसके अलावा उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी वकालत की है | २०१९ में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बनने के बाद से ममता बॅनर्जी के साथ विवादों को लेकर उनका नाम चर्चा में बना रहता है | वह एक भारतीय राजनेता है | उनका जन्मस्थान झुंझुनू से वह लोकसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री रह चुके है |

१]  कैसा था श्री जगदीप धनखड़ जी बचपन और उनका पारिवारिक जीवन?

श्री जगदीप धनखड़ जी का जन्म १८ मई १९५१ को राजस्थान राज्य के झुंझुनू जिले के एक छोटे से गांव किठाना’ में साधारण किसान परिवार में हुआ था | इनके पिता का नाम गोकल चंद और मां का नाम केसरी देवी है |  इन दोनों का निधन हो चूका है |

जगदीप धनखड़ अपने चार भाई-बहन में दूसरे नंबर पर आते है | जगदीप जी के बड़े भाई  का नाम कुलदीप धनखड़ है जिनकी शादी श्रीमती सुचेता से हुई है | यह कांग्रेस में नेता है |   उनके छोटे भाई का नाम रणदीप धनखड़ है जिनकी शादी श्रीमती सरोज से हुई है | यह बिजनेसमैन है | उनकी एक बहन भी है जिसका नाम इंद्रा है और इसकी शादी श्री धर्मपाल डूडी से हुई है |  इनका जन्म जाट परिवार में हुआ है | १९७९ में इनकी शादी सुदेश धनखड़ से हुई है | उन दोनों की कामना नाम की एक बेटी है | जिसकी शादी कार्तिकेय वाजपेयी से हुई है |

२] कैसा था श्री जगदीप धनखड़ जी का छात्र जीवन और क्या थी उनकी उपलब्धिया?

उनकी पाँचवीं तक की पढ़ाई किठाना गांव से सरकारी  प्राथमिक  स्कूल से ही हुई है | उसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई के लिए घरधाना के सरकारी मिडिल स्कूल में दाखिला लिया |  यह स्कूल ४-५ किलोमीटर दूर था |  स्कूल दूर होने के कारण वह गांव के अन्य छात्रों के साथ स्कूल तक पैदल यात्रा करते थे |  इसके बाद उन्होंने १९६२ में चित्तौरगढ़ के सैनिक स्कूल में भी पढ़ाई की | उनके बड़े भाई कुलदीप धनखड़ ने भी अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए इसी स्कूल में दाखिला लिया था |

१२ वी के बाद फिजीक्स में ग्रेजुएशन करके उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी की | वर्ष १९७८-१९७९ में उन्होंने L.L.B की डिग्री हासिल की |  उनका सिलेक्शन आई. आई. टी, एनडीए और आई. ए. एस  के लिए भी हुआ था | लेकिन उन्होंने वकालत को चुना | उन्होंने अपनी वकालत की शुरू वात भी राजस्थान हाईकोर्ट से की थी | श्री जगदीप धनखड़ सिर्फ राजस्थान के ही नहीं सम्पूर्ण देश के प्रसिद्ध और नामी वकीलों की गिनती के श्रेणी में आते है |  वह राजस्थान बार  काउंसिल के चेयरमेन भी रह चुके है |

३]  कैसा रहा श्री जगदीप धनखड़ जी का उपराष्ट्रपति बनने तक का सफर?

श्री धनखड़ ने अपनी राजनीति की शुरू वात जनता दल से की थी | १९८९ में वह झुंझुनू से सांसद बने थे | उन्हें १९८९ से १९९१ तक वी. पी. सिंह और चंद्रशेखर की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी बनाया गया था | १९९१ में हुए लोकसभा चुनाव में जनता दल ने उनका टिकट काट दिया तो वह पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए और अजमेर के किशनगढ़ से कांग्रेस पार्टी के टिकट पर 1993 में चुनाव लड़ा और विधायक बने |

२००३ में उनका कांग्रेस से मोह टुटा और वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए |  २०१९ में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनको ७० साल की उम्र में ३० जुलाई २०१९ को बंगाल के २८वां राज्यपाल नियुक्त किया |

4] आखिर क्यों रहे जगदीप धनखड़ और ममता बनर्जी के बिच में इतने विवाद?

श्री जगदीप धनखड़ जी ने राजस्थान में जाटों को आरक्षण दिलाने के लिए एक लम्बी लड़ाई लड़ी | खुद भी जाट बिरादरी से होने के कारण इस समुदाय में इनकी अच्छी पकड़ है | धनखड़ करीब दो दशक से भाजपा के साथ बने हुए है |  राजनीति में इनका रुतबा देखते हुए भाजपा ने इन्हें पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया था | पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बॅनर्जी के साथ घमासान और जुबानी जंग में इन्होंने खुद को साबित किया |

भाजपा ने इनके सभी राजनीति पहलुओं पर ध्यान दिया और इन्हें उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित किया |  पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में जगदीप धनखड़ जी का मुख्यमंत्री ममता बॅनर्जी के साथ हमेशा विवाद रहा है |  सोशल मीडिया पर दोनों की जुबानी जंग जारी रही है | कई मौकों पर राज्यपाल धनखड़ ने ममता बॅनर्जी के फैसलों को पलट दिया है | बंगाल चुनाव के बाद राज्य में हुए राजनीतिक हिंसा के लिए उन्होंने ममता सरकार को जिम्मेदार ठहराया है | उनका कहना है की, पश्चिम बंगाल में कानून का नहीं शासक का राज है |

५]  अब जानते है की जगदीप धनखड़ को BJP ने क्यों बनाया उपराष्ट्रपति पद के लिए NDA का उम्मीदवार?

जगदीप धनखड़ राजस्थान के झुंझुनू जिले के किठाना गांव के रहनेवाले है | धनखड़ का राजनीतिक अनुभव, ग्रामीण पृष्ठभूमि और जाट फैक्टर बीजेपी के पक्ष में है | भारतीय जनता पार्टी ने भारत के अगले उपराष्ट्रपति के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री जगदीप धनखड़ को NDA  की ओर से उम्मीदवार बनाया था | अभी ६ अगस्त २०२२ को उपराष्ट्रपति का चुनाव हुआ है | श्री जगदीप धनखड़ उपराष्ट्रपति चुने जा चुके है | उनके उपराष्ट्रपति बनने से २०२३ में राजस्थान और २०२४ में हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा को मदद मिल सकती है |

श्री जगदीप धनखड़ एक किसान पुत्र होकर खुद को उन्होंने जनता के राज्यपाल के रूप में स्थापित किया है | उनकी विनम्र पृष्ठभूमि और लोगों से जुड़ने की क्षमता ने उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए सही और उचित साबित किया गया है | वह किसी काम को पूरा करने के लिए जी तोड़ मेहनत करते है |

किसानपुत्र जगदीप धनखड़ अपनी विनम्रता के लिए जाने जाते है | उन्होंने हमेशा किसानों, युवाओं, महिलाओं और वंचितों की भलाई के लिए काम किया है | इसलिए हम सबको ख़ुशी है की वह हमारे नए उपराष्ट्रपति है | हमारे प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जगदीप धनखड़ को हमारे संविधान का  उत्कृष्ट ज्ञान है | वह विधायी मामलों से भी अच्छी तरह वाकिफ है | मुझे विश्वास है कि वह राज्यसभा में एक उत्कृष्ट अध्यक्ष होंगे और राष्ट्र कि प्रगति को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सदन कि कार्यवाही का मार्गदर्शन करेंगे |

किसानों को संदेश देने कि कोशिश –

विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ने जगदीप धनखड़ को उम्मीदवार घोषित किया था | भाजपा किसानों को यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि उनकी पार्टी किसान समर्थक है | नवंबर २०२१ में सरकार ने कृषि बिल वापस ले लिया था | उसके बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव हुए जिसमें भाजपा जाट लोक संख्या वाले जिलों में ७६ में से ५१ सीटें जितने में सफल रही | एक जाट उपराष्ट्रपति देकर बीजेपी फिर ऐसीही सफलता प्राप्त करना चाहती है |

श्री जगदीप धनखड़ का संवैधानिक ज्ञान –

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ के पास गहरा क़ानूनी और विधायी ज्ञान है | वह १९८९ में झुंझुनू संसदीय क्षेत्र से ९वी लोकसभा के लिए चुने गए थे | वह चंद्रशेखर सरकार में संसदीय मामलों के राज्यमंत्री थे | १९९३-१९९८ में अजमेर जिले के किशनगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से राजस्थान विधानसभा के लिए चुने गए |  राजस्थान विधानसभा और लोकसभा दोनों में वह महत्वपूर्ण समितियों के हिस्सा थे | वह सुप्रीम कोर्ट के साथ-साथ राजस्थान हाई कोर्ट में वरिष्ठ वकील भी रहे है |

राजनीतिक और क़ानूनी अनुभव –

राज्यसभा में अब तक २६ बिल लंबित है | संसद का मानसून सत्र १८ जुलाई से १२ अगस्त २०२२ तक चलेगा | धनखड़ ६ अगस्त २०२२ को उपराष्ट्रपति चुने जा चुके है अब यह देखने वाली बात होगी कि वह राज्यसभा में TMC के हंगामे को कैसे संभालते है?

जाट फैक्टर –

राजस्थान और हरियाणा में २०२३ और २०२४ में विधानसभा चुनाव होने है, जहां जाट मतदाताओं कि संख्या अधिक है | जाट राजस्थान कि आबादी का लगभग १० प्रतिशत है | शेखावटी और मारवाड़ क्षेत्रों में जाटों का महत्वपूर्ण प्रभाव है | हरियाणा कि राजनीति में दशकों से जाटों के दबदबा था | जाट हरियाणा की आबादी के लगभग २५-२८ प्रतिशत हिस्सा है |

बीजेपी को २०१३ तक ब्राम्हण, बनिया और राजपूत पार्टी के रूप में माना जाता था | लेकिन २०१३ के बाद बीजेपी ने हरियाणा में जाट समुदाय से संपर्क किया | इसलिए अब माना जा रहा है कि श्री जगदीप धनखड़ भारत के उपराष्ट्रपति चुने जाने से आने वाले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए यह फायदेमंद होगा |

अब आपको हमने श्री जगदीप धनखड़ जी के जीवन के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है | अब आपको भी इस बात का विशवास हो गया होगा की श्री जगदीप धनखड़ जी ही भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए उचित व्यक्तिमत्व और उचित चेहरा है | इनमें वह सभी गुण है जो एक उपराष्ट्रपति पद  पर आसीन होने वाले व्यक्ति में होने चाहिए |

अब श्री जगदीप धनखड़ जी उपराष्ट्रपति बनें है तो यह हम सभी भारतवासियों के लिए अत्याधिक खुशी की  बात है | उनके रूप में भारत को एक अच्छा और सच्चा उपराष्ट्रपति मिला है | श्री जगदीप धनखड़ पूर्व उपराष्ट्रपति श्री वेंकैय्या नायडू के उत्तराधिकारी बनेंगे |भारत को ऐसे ही व्यक्तियों की जरूरत है | आगे और कामना करते है की भारत के सभी पदों पर ऐसे ही अच्छे और सच्चे व्यक्तियों की नियुक्ति की जाए, उनमें उन पदों के हिसाब से काबिलीयत हो तो हमारा यह महान भारत देश और भी अधिक सुंदर बनेगा |

“सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा” |

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1 Comment

Surbhi Hatwar · August 7, 2022 at 3:33 pm

Nice article

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