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Reliable Information About Israel in Hindi

इजराइल यह देश सभी देशों में क्षेत्रफल और लोक संख्या के मामले में सबसे छोटा होने के बावजूद इतना सामर्थशाली कैसे है? की बाकी सभी देश इस देश से डरते है | तो आइए आज feelbywords.com आपको इस देश के ताकतवर और विकासशील होने के कुछ रोचक तथ्यों की जानकारी इस लेख  में देने जा रहे है |

इजराइल जैसे देश के बारे में हम सब को पता होना चाहिए | इस देश में बहुत कुछ ऐसा है की बाकी देश भी इनसे सीख  ले सकते है | यहां के लोगों की हिम्मत, आत्मविश्वास और धैर्य को देखकर इनको सलाम करना चाहिए और इनकी सराहना करनी चाहिए | इनका इतिहास जानकर ही हमारा दिल इनकी प्रशंसा करने को कहता है |

Interesting Facts About Israel in Hindi

इजराइल यह देश पश्चिमी एशिया के भू-मध्य समुद्र के किनारे से लगा हुआ आग्नेय दिशा की तरफ बसा हुआ एक देश है | ‘जेरुसलेम’ यह इजराइल की राजधानी है जो ब्रिटन की मान्यता से घोषित की गई है | विश्व में विविध प्रकार के देश हमारे नज़रों में आते है | हर देश की अपनी एक विशेषता है | हर देश अपने विकास और प्रगति के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहता है | इजराइल एकलौता ज्यू राष्ट्र है परन्तु इस देश में विविध राष्ट्रों के, विविध धर्म के और विविध पंथों के लोग यहां देखने को मिलते है |

आखिर क्यों इसरालियों को छोड़ना पड़ा था अपना ही देश?

इजराइल नाम की उत्पत्ति का उल्लेख हमें हिब्रू बाइबल में मिलता है | इजराइल देश का इतिहास बहुत प्राचीन काल से है | शुरू वात में इजराइल शब्द का प्रयोग प्रथम इजिप्त के स्टेलनेकनान के लष्करी सवारों का वर्णन करते हुए किया था | इजराइल देश की भूमि ३००० सालों से ज्यू लोगों के लिए धार्मिक भावना से बहुत ज्यादा पवित्र और प्रिय है | इ.स.१३२ साल में हुए रोमन साम्राज्य के विरोध में बारखोब के बगावत में आई हुई नाकामी के कारण ज्यू लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग गए थे | उन्होंने बाकी देशों में जाकर शरण ली |

2] आखिर कैसे हुआ इजराइल देश का निर्माण?

इजराइल राष्ट्र पैलेस्टाइन का ही भाग है |  इजराइल देश का इतिहास और इस देश का निर्माण कैसे हुआ इस बारे में जानकारी हमें हिब्रू भाषा के बाइबल में मिलती है | इस देश का मूल हमें यहूदी धर्म के संस्थापक अब्राहम पैगंबर  से मिलता है | अब्राहम का समय ‘इसा’ से लगभग दो हजार वर्ष पूर्व है | अब्राहम के एक बेटे का नाम इसहाक और पोते का नाम याकूब था | जिनका नाम बदलकर आगे इजराइल रख दिया था | याकूब ने यहूदियों की १२ जातियों को मिलाकर एकत्रित किया | इन सब जातियों का यह सम्मिलित राष्ट्र इजराइल के नाम के कारण ’इजराइल’ कहलाने लगा |

याकूब के एक बेटे का नाम यहूदा उर्फ़ जुदा था | यहूदा के नाम पर ही उसके वंशज यहूदी कहलाए और उनका धर्म यहूदी धर्म कहलाया | यहूदियों के प्रारम्भिक इतिहास का पता अधिकतर उनके धर्मग्रंथो से मिलता है | जिनमें मुख्य बाइबल का वह अध्याय है जिसे “पुराना अहदनामा” कहते है | पुराने अहदनामे में तीन ग्रंथ शामिल है | सबसे प्रारम्भ में “तौरेत” है | तौरेत शब्द का अर्थ, धारण करने वाला या बांधने वाला | दूसरा ग्रंथ “यहूदी पैगंबरों का जीवनचारित्र्य ” और तीसरा “पवित्र लेख” है | इन तीनों ग्रंथों का संग्रह “पुराना अहदनामा” है | पुराने अहदनामे में ३९ खंड या पुस्तकें है | इसकी रचना काल इ.स. पूर्व ४४४ से लेकर इ.स. पूर्व १०० के बीच है | पुराने अहदनामे में सृष्टि की रचना, मनुष्य का जन्म, यहूदी जाती का इतिहास, सदाचार के उच्च  नियम, धार्मिक कर्मकांड, पौराणिक कथाएं और प्रार्थनाए शामिल है |

यह समय इ.स. पूर्व १५०० का था | मूसा के समय से ही यहूदी जाती के बिखरे हुए समूह स्थायी तौर पर पैलेस्टाइन में आकर बसे और उसे अपना देश समझने लगे बाद में इस नए देश को उन्होंने इजराइल नाम दिया |  मध्यपूर्व में स्थित यह देश विश्व राजनीती और इतिहास की दृष्टी से बहुत महत्वपूर्ण है | इ.स. पूर्व १००० में इस भूमी पर राजा डेव्हिड का राज्य था | आगे जाकर इ.स. पूर्व ९३१ में इस भाग का दो अलग-अलग राज्य में   विभाजन किया गया | उत्तर का भाग इजराइल और दक्षिण का भाग अरेबिक इस तरह इसकी पहचान करा दी गई |

मध्यकाल में जो अभी का इजराइल है वह पहले अनेक साम्राज्यों के अधिपत्य के नीचे रह चूका है | प्रथम महायुद्ध के समय में यह भाग ऑटोमन साम्राज्य के अधिपत्य के नीचे था |  इ.स. १९१८ में जब यह युद्ध खत्म हुआ तब ४०० साल से टिका हुआ यह साम्राज्य का अंत हुआ और इस भाग पर ग्रेट ब्रिटन ने अपना अधिपत्य जमा लिया | तब से यह भाग पेलेस्टाइन के नाम से पहचाना जाने लगा | जो अभी का इजराइल,  पेलेस्टाइन और जॉर्डन है |

Flag of Israel

Flag of Israel

आगे चलकर द्वितीय महायुद्ध के समाप्ती के कुछ सालों के बाद १९४७ में इजराइल एक स्वतंत्र देश हो गया | इजराइल की स्थापना १४ मई १९४८ को हुई थी | इजराइल में हमें यहूदी धर्म के लोगों का प्रभुत्व देखने को मिलता है | स्वातंत्र्य के बाद भी इजराइल और पेलेस्टाइन इन देशों में हमें आज भी संघर्ष देखने को मिल रहा है |

3] आखिर क्यों की थी हिटलर ने ६० लाख इसराइलियों की हत्या?

दूसरे महायुद्ध में जर्मनी का शासक हिटलर ने ६० लाख ज्यू लोगों की हत्या की थी | ज्यू लोगों की बस्ती पेलेस्टाइन प्रान्त में जो आज का इजराइल है यहां प्राचीन काल से थी |

4] इजराइल में ही हुआ येशु का जन्म और उनकी हत्या |

बाइबल ग्रंथ के अनुसार पेलेस्टाइन यह ईश्वर ने ज्यू लोगों को रहने के लिए दी हुई जगह है | इस जगह से यहूदियों की बहुत सी धार्मिक कथाएं जुडी हुई है | येशु का जन्म यही पर हुआ था और इनकी हत्या यही पर हुई थी | धीरे-धीरे ख्रिश्चन और मुस्लिम आक्रमण से पेलेस्टाइन के ज्यू धर्मीय लोगों की संख्या कम होती गई | इ.स. १९०० वर्ष शुरू हुआ तब पेलेस्टाइन के ज्यू लोगों की संख्या २०% के आसपास थी और मुस्लिम लोगों की संख्या ७०% के आसपास थी |

5] इजराइल देश एक छोटा देश होने के बावजूद इतना सामर्थ्यवान और शक्तिशाली कैसे है?

इजराइल एक ऐसा देश है जिसके चारों दिशाओं में मुस्लिम शत्रु राष्ट्र है और राजकीय अस्थिरता फैली हुई है | युद्ध की काली छाया इस देश पर हमेशा मंडराती  रहती है | इसके उत्तर में लेबनॉन, पूर्व में सीरिया और जॉर्डन तथा दक्षिण-पश्चिम में मिस्र है |  यहां की जनसंख्या सिर्फ ९० लाख है जो की हमारे मुंबई से भी कम है | यहां की भूमि का आकार क्षेत्रफल की दृष्टी से महाराष्ट्र के कोंकण से भी छोटा है | पड़ोस के सभी देश तेल संपन्न होने के बावजूद इस देश में तेल की कमतरता है |

नैसर्गिक चुनौतियों और प्रतिकूल परिस्थितियों से मार्ग निकालकर इजराइल विश्व में सभी देशों में आर्थिक दृष्टी से सामर्थ्यवान बनने में कामयाब हुआ है |

Israel Neighbor Countries

Israel Neighbor Countries

इजराइल के शक्तिशाली देश बनने के ५ प्रमुख कारन |

 *      इजराइल के प्रत्येक नागरिक को सेना में सेवा देना बंधन कारक है | पुरुषों के लिए ३ साल और स्त्रियों के लिए 2 साल सेना में सेवा देना अनिवार्य है | चारों और से विदेशी आक्रमण और देश के अंदर की आपातकालीन और बिकट परिस्थितियों में इजराइल सरकार सामान्य नागरिकों को फिर से सेना में बुला सकती है | इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है  और नागरिकों में अनुशासन निर्माण होती है | यहां की सैन्य व्यवस्था सक्तीपूर्ण है |

*      इजराइल देश के नागरिकों का प्रखर राष्ट्रवाद यह भी इजराइल देश को सामर्थ्यवान और शक्तिशाली बनाने में सहायक हुआ है |

*      इजराइल देश के नेता लोग देश के हित के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहते है | उनके लिए वैयक्तिक और पक्षीय हित से पहले देश का हित सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है |

*      इजराइल की सेना ताकतवर है | इस देश की लोक संख्या ९० लाख है, इनमें से ३० लाख सैनिक सेना में है |

*      इजराइल को हमेशा अमेरिका का सहयोग मिलता रहा है | जब-जब संयुक्त राष्ट्रसंघ में इजराइल विरोधी प्रस्ताव रखे जाते है तब-तब अमेरिका ने इजराइल की व्हेटो पॉवर का इस्तेमाल करके इजराइल को बचाया है |

 

इजराइल के बारे में रोचक तथ्य (Interesting Facts About Israel in Hindi) –

इजराइल छोटा सा देश होने के बावजूद सभी देशों में शक्तिशाली है | दुश्मन देशों से घिरा हुआ देश है | दुश्मन भी ऐसे है मौका मिलते ही इजराइल को खत्म कर देने की फिरात में रहते है | १९४८ में यह देश दुनिया के नक्शे में आया हुआ बाकी देशों के लिए बुरे समय से कम नहीं है |  इजराइल के लोगों के बारे में कहा जाता है की, यहां के लोग देशभक्त और स्वाभिमानी होते है| इनकी देशभक्ति के कारण आज इजराइल अरब देशों की आंखों में आंखें डालकर उनका जवाब देता है|

इजराइल देश की भूमि 3000 सालों से ज्यू लोगों के लिए धार्मिक भावना से बहुत ज्यादा पवित्र और प्रिय है | इ.स. 132 साल में हुए रोमन साम्राज्य के विरोध में बारखोब के बगावत में आए हुए नाकामी के कारण ज्यू लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग गए थे | उन्होंने बाकी देशों में जाकर शरण ली |

दुश्मन देशों से घिरे इजराइल ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम भी तैयार किया है| इसे ‘आयरन डोम’(Iron Dome) कहा जाता है | यह एंटी मिसाइल सिस्टम इजराइल की एक ऐसी व्यूह रचना है जो दुश्मन के खतरनाक से खतरनाक प्रहार को नाकाम कर देता है | यह हवा में ही दुश्मनों के दागे हुए रॉकेटों को तबाह कर देता है | आज इजराइल इतना ताकतवर हो गया की वह ताकतवर देशों की सूची में शामिल है | इजराइल ने 1950 के बाद से ही अपनी सैन्य ताकत को लगातार बढ़ाने का काम किया | इजराइल के पास एक से एक खतरनाक हथियारों का जखीरा भरा पड़ा है | इजराइल का नाम दुनिया के बड़े लष्कर निर्याती देशों में आता है |

Israeli Minister of Defense Benny Gantz with Iron Dome Missile System

Israeli Minister of Defense Benny Gantz with Iron Dome Missile System

इजराइल में 18 लाख अरब रहते है, इजराइल की 90 लाख की लोक संख्या में 20% {18 लाख} अरब मुस्लिम है | अरबों को भी वहां यहूदियों की तरह अधिकार दिए गए है | इजराइल में 66,760 हिन्दू है | दूसरे नम्बर पर जैनों की संख्या आती है जो 7,446 है | मुस्लिम समुदाय तीसरे नम्बर पर आता है, जिनकी संख्या 6,601 है | ख्रिश्चन लोगों की संख्या 199 और बौद्ध लोगों की संख्या 68 है | पैलेस्टाइन का ५५%  भाग यहूदियों को और ४५% भाग अरबियों को रहने के लिए दिया गया है |

 

आज से करीब 4000 साल पुराना यहूदी धर्म वर्तमान में इजराइल का राजधर्म है | यहूदी धर्म विश्व के प्राचीन धर्मों में से है, तथा दुनिया का प्रथम एकेश्वरवादी धर्म माना जाता है | इस धर्म में ईश्वर और उसके फ़रिश्ते पैगम्बर की मान्यता प्रधान है | यह धर्म बाकी धर्मों से एकदम अलग   है | मूर्ति पूजा को इस धर्म में पाप समझा जाता है | यहूदी अपने ईश्वर को यहोवा कहते है | यहूदी मानते है की सबसे पहले यह नाम ईश्वर ने हजरत मूसा को सुनाया था |

 

अब्राहम की मौत के बाद इस धर्म के संस्थापक मूसा को माना जाता है | मूसा को ईश्वर द्वारा दस आदेश मिले थे | मूसा को एक पहाड़ पर परमेश्वर का साक्षात्कार हुआ | यहूदियों को दस आदेश दिए जो आज भी यहूदी धर्म के प्रमुख सिद्धांत है | यहूदियों की प्रार्थना स्थल को ‘सिनेगॉग’ कहा जाता   है |इजराइल की स्थापना १४ मई १९४८ को हुई थी | लम्बे समय के संघर्ष के बाद यहूदियों को पैलेस्टाइन के कब्जे से आजादी मिली और एक स्वतंत्र राष्ट्र का निर्माण हुआ उसका नाम है इजराइल|

इजराइल देश की खास विशेषताएं –

  *          इजराइल देश की खास विशेषता यह है की, विश्व में कही भी यहूदी रहता हो या कही भी किसी यहूदी बच्चे का जन्म हुआ हो तो उसे इजराइल की नागरिकता मिल ही जाती है, वह कभी भी इजराइल आकर रह सकता है |

 *           इजराइल की राष्ट्रभाषा हिब्रू है | हमारे देश में लोगों को हिंदी बोलने में शर्म आती है परन्तु इजराइल में आपको यह जानकर हैरानी होगी की हिब्रू भाषा का अंत मध्यकाल में ही हुआ था | इस भाषा को सिखने वाला भी कोई नहीं बचा था | लेकिन जब इजराइल की स्थापना हुई तब देशवासी यहूदियों ने अपनी भाषा हिब्रू को पुनर्जीवित किया और उसे राष्ट्रभाषा बना दिया |

*            १५ साल की उम्र से हायर सेकण्डरी एजुकेशन के बाद बच्चों की आर्मी ट्रेनिंग शुरू हो जाती है| उन्हें अनिवार्य रूप से मिलिट्री में शामिल होना पड़ता है |

*            इजराइल एक लोकतान्त्रिक देश है परन्तु वहां पर भारत या अन्य देशों की तरह संविधान नहीं है | इजराइल में परंपरा और देशवासियों के सुविधा के हिसाब से देश कानून बनते है और बदलते रहते है |

*            आपने कभी सायकल तो चलाया होगा पर सायकल के लिए लइसेंस नहीं बनवाया होगा | लेकिन इजराइल देश में सायकल चलाने के लिए भी लइसेंस बनाने का कानून है |

*            इसके अलावा इजराइल ९ देशों में से एक देश है जिसके पास परमाणु बम और हथियार है और सैटेलाइट सिस्टम है |

*            इजराइल की वायुसेना दुनिया की सबसे बड़ी और शक्तिशाली वायुसेना में से एक है | इजराइल की वायुसेना की शक्ती का अंदाजा आप इसी से लगा सकते है की जब १९७६ में पैलेस्टाइन आंतकवादियों ने इजराइल विमान को हाइजेक करके युगांडा ले गये थे तब इजराइल सरकार ने ऑपरेशन थंडरबोल्ट से ९० मिनट में अपने सभी २४८ नागरिक यात्रियों को छुड़ाया था |

*            इजराइल की तरफ दागी हुई मिसाइल इजराइल पहुंचने से पहले ही नष्ट करा दी जाती है |

*            हथियार ही नहीं विज्ञान के मामले में भी इजराइल सबसे आगे है | मोटोरोला ने अपना पहला मोबाइल फोन इजराइल में ही बनाया था | माइक्रोसॉफ्ट के लिए पहला पेंटियम चिप इजराइल में ही बना था | इतना ही नहीं पहली व्हॉइस मेल टेक्नोलॉजी इजराइल में ही विकसित की गई थी |

*            महान वैज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टाइन भी यहूदी थे | उन्हें इजराइल का राष्ट्रपती बनने का ऑफर ब्रिटन ने दिया था लेकिन उन्होंने यह प्रस्ताव यह कहकर ठुकरा दिया था की वह राजनीती के लिए नहीं बने है |

*            इजराइल अपने आजादी के समय एक बंजर ज़मीन का टुकड़ा था | वहां ना खेती की जा सकती थी और ना ही पाणी का स्रोत था | फिर भी नई टेक्नोलॉजी के दम पर इजराइल खाद्य सामग्री के मामले में आत्मनिर्भर है | आज इजराइल अपने जरूरत का ९३% खाद्य सामग्री खुद निर्माण करता है | इसके अलावा समुद्र के पाणी को साफ करके पीने के लिए और बाकी कामों में उपयोग करता है | यहां की ज़मीन रेगिस्तान की तरह है फिर भी इस देश में विकास ही विकास है |

*            आज के समय में हमारे देश में किताबें बहुत महंगी है | स्कूल वाले बच्चों को महंगी किताबें लेने के लिए मजबूर करते है, ऐसे में हमें इजराइल से सीख लेनी चाहिए की इजराइल में हर नई छपने वाली किताब की एक कॉपी ज्यूइश नेशनल युनिवेर्सिटी ‘ की लाइब्रेरी में रखी जाती है | यहां ४० बुक स्टोर्स है | यहां की सरकार हर व्यक्ति को मुफ्त में किताबें मुहैया कराती है |

*            इजराइल का समुद्र तट सिर्फ २७३ किलोमीटर लंबा है | यहां १३७ ऑफिशियल बीच है |

* इजराइल की ख़ुफ़िया एजंसी मोसाद दुनिया की सबसे खतरनाक और इंटलीजेंट ख़ुफ़िया एजन्सी   मानी जाती है | मोसाद के बारे में कहा जाता है की एक बार आप इसकी निगाह में आ गये तो इस एजन्सी के एजेंट आपको पाताल से भी ढूंढ निकालते है | १९७२ में ओलम्पिक गेम में १२ इजराइल प्लेयर्स की पैलेंस्टाइन आंतकवादियों ने हत्या कर दी थी तो मोसाद के एजेंटों ने अगले २२ साल तक इस घटना के जिम्मेदार एक-एक आतंकवादी को खोज-खोज के मारा था |

*            इ.स. १९६७ में जॉर्डन, इराक सीरिया जैसे ६ मुस्लिम देशों ने इजराइल पर आक्रमण किया था तब इजराइल ने पलटवार करके ६ दिन में ६ देशों को पुरी तरह से हराया था | इस हार को वह देश आज तक नहीं भूले है | इस घटना को Six Day War कहकर जाना जाता है |

*            इजराइल भारत को अपना सच्चा दोस्त मानता है | इसके बावजूद भी २०१७ से पहले किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने इजराइल की यात्रा नहीं की थी | इसके पीछे शायद बाकी देशों के नाराज होने का डर था | लेकिन २०१७ में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी इजराइल का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे | उनके इस दौरे ने भारत और इजराइल की दोस्ती को और भी ज्यादा मजबूत कर दिया |

*            १९४८ से इजराइल का मूलमंत्र रहा है की,  किसी ने हमारे एक नागरिक को मारा तो हम उस देश में घुसकर उसके एक हजार नागरिक को मारेंगे |

*            हमारा भारत, इजराइल देश के एक साल पहले आज़ाद हुआ लेकिन विकास के मामले में आज वह कहाँ है और हम कहाँ है | हम सभी को इजराइल से सीख लेनी चाहिए और अपने देश के विकास में योगदान देना चाहिए |

*            इजराइल में इतवार को नाक साफ करना अपराध माना जाता है |

*            स्वातंत्र्य वीर सावरकरजी ने नेहरुजीं को इजराइल के साथ दोस्ती बनाने की सलाह दी थी |

*            पाकिस्तान के पासपोर्ट पर यह लिखा होता है की, इजराइल के अलावा यह सभी देशों में मान्य है | पाकिस्तान इजराइल से डरता है | पाकिस्तान को इजराइल में एंट्री नहीं है |

6] इजराइल और भारत की मित्रता –

प्राचीन काल से ज्यू लोगों पर अत्याचार हुआ, उनको सिर्फ भारत ने सहारा दिया था | उनको अच्छा जीवन,  सन्मान और मान प्रतिष्ठा दी थी | इन सभी बातों को इसराइली लोग उपकार मानते है |आज इजराइल में नई-नई कंपनियां है |

Israel India Friendship

Israel India Friendship

इजराइल विज्ञान और तंत्रज्ञान में अग्रेसर है | इनके साथ मैत्रीपूर्ण सबंध रखना हमारे लिए फायदेमंद है | इजराइल का खेती करने से लेकर टेक्नोलोजी तक का ज्ञान हमारे लिए उपयोगी हो सकता है |

7] कैसे आज़ाद कराया भारतीय वीरों ने इजराइल का हाइफा शहर?

इतिहास लिखने वाले इतिहासकारों ने बड़ी सफाई से भारतीय योद्धाओं की अकल्पनीय विजय को इतिहास के पन्नों पर दर्ज नहीं होने दिया | यहूदियों का प्यारा राष्ट्र इजराइल जो ईश्वर की देन है उसका पहला हिस्सा भारतीय योद्धाओं ने जीतकर दिया था | इ.स. १९१८ में हाइफा के युद्ध में भारत के अनेक योद्धाओं ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था | समुद्र तट पर बसे हुए हाइफा शहर की मुक्ति से ही आधुनिक इजराइल के निर्माण की नींव पड़ी थी | इसलिए हाइफा युद्ध में भारतीय सैनिकों के बलिदान को यहूदी आज भी स्मरण करते है |

आज तक इजराइल सरकार हाइफा, जेरुशलम, रामलेह और ख्यात के समुद्री तटों पर बनी ९०० भारतीय सैनिकों की समाधियों की अच्छी तरह देखरेख करती है | इजराइल के बच्चों को स्कूल में इतिहास विषय में भारतीय सैनिकों के पराक्रम, शौर्य और बलिदान की कहानियाँ सुनाई और पढ़ाई जाती है | हर साल  २३ सितम्बर को भारतीय योद्धाओं को सम्मान देने के लिए हाइफा के महापौर(Mayor), इजराइल की जनता और भारतीय दूतावास के लोग एकत्रित होकर हाइफा डे मनाते है |

Haifa City of Israel

Haifa City of Israel

प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान तुर्की साम्राज्य के कब्जे से इजराइल के हाइफा शहर को आज़ाद करने के लिए ब्रिटिश सेना की सहायता के लिए जोधपुर, मैसूर और हैदराबाद से सैनिकों को भेजा गया था | जर्मनी,  ऑस्ट्रिया और तुर्की की शक्तिशाली सेना के विरुद्ध भारतीय सैन्य दल का नेतृत्व जोधपुर के मेजर दलपत सिंह शेखावत ने किया था, जो इस युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए | जर्मनी ,तुर्की और और ऑस्ट्रिया पास तोप, बम, बंदूके और अत्याधुनिक हथियार थे | जबकि भारतीय सैनिकों ने उनका मुकाबला केवल तलवार और भालों से किया | उन्होंने पैदल और घोड़ों पर सवार होकर यह युद्ध लढा और इस युद्ध में विजय भी प्राप्त की और हाइफा पर अधिकार कर लिया |

मिलिट्री क्रॉस उस समय ब्रिटिश सरकार द्वारा भारतीय सैनिकों को दिया जाने वाला सर्वोच्च वीरता सम्मान था | मेजर दलपत सिंह शेखावत के साथ कैप्टन अनूप सिंह और सेकंड लेफ्टिनेंट सगत सिंह को भी वीरता पूर्वक लड़ने के लिए सर्वोच्च वीरता सम्मान मिलिट्री क्रॉस से सम्मानित किया गया |

लगभग २००० सालों से अपनी जन्मभूमि से बेदखल, अत्याचार, दुर्व्यवहार और अमानवीय  यातनाओं के शिकार यहूदियों के लिए २३ सितंबर १९१८ को तुर्की साम्राज्य से हाइफा शहर की मुक्ति का महत्व बहुत अधिक था | यहूदियों को हाइफा की मुक्ति से उन्हें अपना स्वतंत्र राष्ट्र का सपना पूरा होता दिख रहा था | यहां-वहां गुजर-बसर कर रहे यहूदियों ने इ.स. १९१९ से हाइफा पहुँचना शुरू कर दिया था | द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने अपने लिए अलग देश की मांग ब्रिटन से की और इसके लिए आवाज उठाना प्रारम्भ किया | आखिर यहूदियों के यह प्रयास सफल रहे और ३० साल बाद १९४८ में उन्हें अपना देश इजराइल प्राप्त हुआ | हाइफा शहर की मुक्ति के बाद भी भारतीय सैनिकों ने ब्रिटिश,  ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलँड के सैनिकों के साथ मिलकर पूरे इजराइल को मुक्त करवाने के लिए कुछ लड़ाइयाँ भी लड़ी |

इजराइल की आजादी के लिए लड़े गए विभिन्न युद्धों में लगभग ९०० भारतीय सैनिकों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया है | इजराइल का भारत के प्रति जो कृतज्ञता का भाव है, शायद इसके पीछे इन्हीं महान योद्धाओं का बलिदान है | भारत और इजराइल के बीच रक्त संबंध है | भारतीय वीरों की समाधि पर पहुँचने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी नरेंद्र मोदी हो गए है |

किसी भी देश को शक्तिशाली बनाने के लिए और उसका विकास करने के लिए देश के प्रति सच्ची देशभक्ति और मातृभूमि के लिए सच्ची श्रद्धा होना आवश्यक है | जय हिन्द —–जय इजराइल|

 

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1 Comment

Surbhi · July 3, 2022 at 3:17 pm

Nice …..all the best for next article

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